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सोमवार, 27 अप्रैल 2026

क्रिकेट इतिहास के 10 सबसे सफल पार्ट-टाइम गेंदबाज: हैरान कर देंगे ये आंकड़े!

क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बल्लेबाज


Cricket history top 10 part time bowlers list in Hindi - Sports World Hindi Me



दोस्तों आपने बल्लेबाजों को मैदान में लंबे लंबे छक्के और चौके मारते हुए देखा होगा परंतु आज हम बात करेंगे उन बल्लेबाजों की जिन्होंने अच्छी बैटिंग करने के साथ-साथ बॉलिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया है । हम यहां ऑलराउंडर की बात नहीं करेंगे, हम बात करेंगे ऐसे बैट्समैन की जो पार्ट टाइम बॉलिंग भी करते है। तो चलो शुरू करते हैं

1. सनथ जयसूर्या

श्रीलंका टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल पार्ट टाइम बॉलर में गिने जाते हैं । इनका बोलिंग रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न से भी अच्छा है । अपनी बैटिंग में लंबे लंबे छक्के लगाने वाले सनथ जयसूर्या का बॉलिंग प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है उन्होंने 445 एकदिवसीय मैच में 36.75 की औसत से 323 विकेट लिए हैं जिसमें उन्होंने 4 बार 5 विकेट लिए है । एकदिवसीय मैच में इनका सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग प्रदर्शन 6/29 ( विकेट/रन ) रहा है। जयसूर्या ने 110 टेस्ट मैच में 34.34 की औसत से 98 विकेट लिए हैं और इसमें 2 बार 5 विकेट लिए हैं टेस्ट मैच में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/34 रहा है। इनका यह बॉलिंग प्रदर्शन देखकर ही इन्हें क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल पार्ट टाइम बॉलर कहा जाता है।

2. जैक्स कैलिस

पूर्व साउथ अफ्रीका टीम के बल्लेबाज जैक्स कैलिस जो कि अब साउथ अफ्रीका टीम के कोच भी है इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आते हैं । जैक्स कैलिस ने अपनी धाकड़ बल्लेबाजी के साथ-साथ बॉलिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया है उन्होंने 328 एकदिवसीय मैच में 31.79 की औसत से 273 विकेट लिए हैं इनमें 5 विकेट 2 बार और सर्वाधिक बोलिंग प्रदर्शन 5/30 ( विकेट/रन ) रहा है। बात अगर टेस्ट मैच की करे तो इन्होंने 166 टेस्ट मैचों में 32.65 की औसत से 292 विकेट लिए हैं जिसमें 5 विकेट 5 बार लिए हैं और इसमें इनका बोलिंग प्रदर्शन 6/54 रहा है।


3. सचिन रमेश तेंदुलकर

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर जिन्हें क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है बल्लेबाजी के साथ-साथ पार्ट टाइम बॉलिंग भी करते थे । क्रिकेट जगत का शायद ही कोई ऐसा रिकॉर्ड होगा जिसमें सचिन तेंदुलकर का नाम ना आता हो । महेंद्र सिंह धोनी के कप्तान बनने के बाद भले ही सचिन तेंदुलकर को बॉलिंग करने का कम मौका मिला हो परंतु फिर भी उन्होंने पार्ट टाइम बॉलिंग करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है । सचिन तेंदुलकर ने 463 एकदिवसीय मैचों में 44.48 की बॉलिंग औसत से 154 विकेट लिए हैं इसमें इन्होंने 2 बार 5 विकेट भी चटकाए हैं । एकदिवसीय मैचों में उनकी सर्वश्रेष्ठ बोलिंग 5/32(विकेट/रन) रहा है । सचिन ने 200 टेस्ट मैचों में 54.17 की बोलिंग औसत से 46 विकेट लिए हैं जिसमें 3/10 उनका सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग प्रदर्शन रहा है।

4. मोहम्मद हफीज

पाकिस्तान टीम के सलामी बल्लेबाज मोहम्मद हाफिज जिस तरह की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं उसी तरीके से उन्होंने पार्ट टाइम बॉलर की भूमिका बहुत अच्छे से निभाई है । मोहम्मद हफीज ने वर्ष 2022 में क्रिकेट से संन्यास लिया है उन्होंने 218 एकदिवसीय मैच में 38.84 की औसत से 139 विकेट लिए हैं जिनमें उनका सर्वाधिक प्रदर्शनी 4/41 ( विकेट/रन ) रहा है। हफीज ने अभी तक मात्र 55 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 34.11 की औसत से 53 विकेट लिए हैं और इसमें उनका सर्वाधिक प्रदर्शन 4/16 रहा है। मोहम्मद हफीज ने 98 T20 इंटरनेशनल मैचों में 22.83 की औसत से 54 विकेट लिए हैं और इनमें इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/10 रहा है।
खिलाड़ी का नाम वनडे विकेट (बेस्ट) टेस्ट विकेट (बेस्ट) T20I विकेट
सनथ जयसूर्या 323 (6/29) 98 (5/34) -
जैक्स कैलिस 273 (5/30) 292 (6/54) -
सचिन तेंदुलकर 154 (5/32) 46 (3/10) -
मोहम्मद हफीज 139 (4/41) 53 (4/16) 54
वीरेंद्र सहवाग 96 (4/6) 40 (5/104) -
क्रिस गेल 167 (5/46) 73 (5/34) 20
स्टीव वॉ 195 (4/33) 92 (5/28) -
सौरव गांगुली 100 (5/16) 32 (3/28) -
तिलकरत्ने दिलशान 106 (4/4) 39 (3/37) 9
केन विलियमसन 37 (4/22) 30 (4/44) 6

5. वीरेंद्र सहवाग

भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने जिस तरह बल्लेबाजी करते हुए बोल चुके नाक में दम किया था उसी तरीके से वह बॉलिंग से भी बल्लेबाजों को परेशान करते थे।वीरेंद्र सहवाग ने 251 एकदिवसीय मैच में 40.13 की औसत से 96 विकेट लिए हैं जिसमें उनका सर्वाधिक प्रदर्शन 4/6 ( विकेट/रन )रहा है। वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट मैच में भी बॉलिंग की है उन्होंने 104 टेस्ट मैच में 47.35 की औसत से 40 विकेट ली है जिसमें उन्होंने एक बार पांच विकेट लिए हैं और इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/104 रहा है।

6. क्रिस गेल

वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल जिन्हें दुनिया यूनिवर्स बॉस के नाम से भी जानती है, वह भी इस लिस्ट में शामिल है। क्रिस गेल जब बैटिंग करते थे तो अच्छे अच्छे बॉलरों के हाथ पांव फूल जाते थे, लेकिन क्या आप जानते हो बल्लेबाजी के साथ ही वह गेंदबाजी में भी काफी सफल खिलाड़ी थे, उन्होंने 301 एकदिवसीय मैचों में 167 विकेट (बेस्ट 5/46), 103 टेस्ट मैच में 73 विकेट (बेस्ट 5/34) और 79 T20 मैच में 20 विकेट (बेस्ट 2/15) लिए हैं।

7. स्टीव वॉ

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी एक बल्लेबाज के साथ ही सफल गेंदबाज थे। उन्होंने अपनी कप्तानी में 1999 का वर्ल्डकप ऑस्ट्रेलिया को जितवाया था इसके साथ ही उनके नाम लगातार 16 टेस्ट मैच जीतने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। स्टीव वॉ Iceman के नाम से भी मशहूर थे उन्होंने 325 एकदिवसीय मैच में 195 विकेट (बेस्ट 4/33), 168 टेस्ट मैच में 92 (बेस्ट 5/28) जिसमें 5 विकेट 3 बार लिए हैं।

8. सौरव गांगुली

अगर आप भारतीय क्रिकेट प्रेमी हो तो सौरव गांगुली का वो मीडिया फास्ट बोलिंग एक्शन कैसे भूल सकते हो। पूरे क्रिकेट जगत में सौरव गांगुली दादा के नाम से मशहूर है और वो भारत के एक सफल कप्तान और बल्लेबाज रहे है, इसके साथ ही वो एक सफल पार्ट टाइम बॉलर भी रहे हैं, उन्होंने 311 वनडे मैचों में 100 विकेट (बेस्ट 5/16, 5 विकेट 2 बार), 113 टेस्ट मैच में 32 विकेट (बेस्ट 3/28) लिए हैं।

9. तिलकरत्ने दिलशान

पूर्व श्रीलंकाई खिलाड़ी तिलकरत्ने दिलशान जो दिल-स्कूप के लिए मशहूर है एक बल्लेबाज, विकेटकीपर और पार्ट टाइम बॉलर थे। अंदाजा लगाए उनका एकदिवसीय मैचों में इकनॉमी रेट 5 से भी कम (4.87) रहा है जो किसी टीम के मुख्य गेंदबाज से भी कम है। उन्होंने 330 वनडे मैचों में 106 विकेट (बेस्ट 4/4), 87 टेस्ट मैच में 39 विकेट (बेस्ट 3/37) और 80 T20 मैचों में 9 विकेट (बेस्ट 2/4) लिए हैं।

10. केन विलियमसन

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन भी अपने शुरुआती करियर के दौरान बल्लेबाज के साथ ही पार्ट टाइम बॉलर भी थे। उन्होंने कई बार मुश्किल समय में अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाई है लेकिन बाद में उनके बोलिंग एक्शन को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद वो अब कम या लगभग न के बराबर ही गेंदबाजी करते है। केन विलियमसन ने 165 वनडे मैचों में 37 विकेट (बेस्ट 4/22), 102 टेस्ट मैचों में 30 विकेट (बेस्ट 4/44) और 93 T20 मैचों में 6 विकेट (बेस्ट 2/22) लिए हैं। केन विलियमसन T20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन ओडीआई और टेस्ट टीम का वो हिस्सा है।

तो दोस्तों यह थी कुछ ऐसे प्लेयर जिन्होंने बैटिंग में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ-साथ बॉलिंग में भी अच्छा रिकॉर्ड बनाया है दोस्तों इनमें से केन विलियमसन को छोड़ के बाकी सभी प्लेयर अब क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और वर्तमान क्रिकेट में बैट्समैन बहुत ही कम पार्ट टाइम बॉलिंग करते हैं जिससे इस लिस्ट में उनका नाम आना बहुत मुश्किल है फिर भी अगर कोई नाम छूट जाता है तो आप कमेंट में जरूर बताएं ।

धन्यवाद

Author Name:- Shamu



विराट कोहली के 10 ऐतिहासिक रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना नामुमकिन है

 विराट कोहली के 10 ऐसे अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना है नामुमकिन

किंग विराट कोहली के 10 ऐतिहासिक रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना है नामुमकिन

भारतीय कप्तान विराट कोहली अपनी आक्रामक बैटिंग के लिए जाने जाते हैं और उनके नाम के जैसे रिकॉर्ड है जिन्हें तोड़ पाना भविष्य में किसी भी बल्लेबाज के लिए मुश्किल साबित होगा । विराट कोहली सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते है और उन्होंने सचिन तेंदुलकर के बहुत से रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। तो आज जानते विराट कोहली के 10 ऐसे रिकॉर्ड्स जिन्हें तोड़ पाना भविष्य में किसी भी बल्लेबाज के लिए मुश्किल होगा।

1. सबसे तेज 13,000 रन 

अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज 13,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है। विराट कोहली ने 8,000 रन (175 पारी), 9,000 रन (194 पारी), 10,000 रन (205 पारी), 11,000 रन (222 पारी) और 13,000 रन (267 पारी) में बनाकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे भविष्य में शायद ही कोई तोड़ सके ।

2. बतौर कप्तान एक टेस्ट में सबसे अधिक रन 

बतौर कप्तान विराट कोहली ने एक टेस्ट मैच में 200 से अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है विराट कोहली ने यह कारनामा 7 बार करके दिखाया है जिसे आज तक कोई भी क्रिकेटर पूरा नहीं कर पाया है। 

3. कप्तान होते हुए 1 साल में सबसे अधिक शतक

विराट कोहली को जबसे भारत का कप्तान नियुक्त किया गया है तब से और अधिक आक्रामक तरीके से क्रिकेट खेलते हैं इसके परिणाम स्वरूप विराट कोहली ने 2017 और 2018 एक कैलेंडर वर्ष में 11 सबसे अधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया 2018 में भी उन्होंने 11 शतक लगाए।

4. वनडे सीरीज में 300 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड


वनडे सीरीज में 300 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली का नाम है यह कारनामा उन्होंने 7 बार करके दिखाया है यहां तक कि उन्होंने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में अकेले 558 रन बनाए थे जिसे आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है।

विराट कोहली के रिकॉर्ड उपलब्धि / आंकड़े (2026 तक)
वनडे क्रिकेट में कुल शतक 54 शतक (विश्व रिकॉर्ड)
कुल अंतरराष्ट्रीय शतक 80 शतक
बतौर कप्तान टेस्ट दोहरा शतक 07 बार (सबसे अधिक)
सबसे तेज 13,000 वनडे रन मात्र 267 पारियां
लगातार टेस्ट सीरीज में 200+ 04 लगातार सीरीज
तीनों फॉर्मेट में औसत 50.0+ (लगभग करियर भर)
एक साल में सबसे ज्यादा शतक 11 शतक (बतौर कप्तान)
वनडे सीरीज में 300+ रन 07 बार
दो टीमों के खिलाफ लगातार 3 शतक श्रीलंका और वेस्टइंडीज
ICC अवार्ड्स (एक ही साल में 3) ICC वनडे, टेस्ट और क्रिकेटर ऑफ ईयर

5. 50 की औसत सबसे सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड

विराट कोहली दुनिया के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 की औसत से 26,000 रन पूरे किए हैं और यह रिकॉर्ड शायद ही कोई तोड़ पाए।

6. टेस्ट सीरीज में लगातार दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड

टेस्ट सीरीज में लगातार दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड विराट कोहली ने अपने नाम किया है उन्होंने 4 टेस्ट सीरीज में लगातार 4 बार दोहरा शतक लगाए यह कारनामा उन्होंने 2016 से 2017 में होने वाले टेस्ट सीरीज में करके दिखाया था।

7. बतौर कप्तान टेस्ट मैच में सबसे अधिक दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड

विराट कोहली ने बतौर कप्तान टेस्ट मैच में ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे अधिक दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया है उन्होंने अभी तक कप्तानी करते हुए खेले गए टेस्ट मैचों में 7 बार दोहरे शतक लगाए हैं।

8. एकदिवसीय मैच की सबसे कम पारियों में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड


आपको यह तो मालूम होगा कि सचिन तेंदुलकर का अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड था। उन्होंने 463 एकदिवसीय मैच में 49 शतक लगाए हैं, लेकिन विराट कोहली ने 311 एकदिवसीय मैच में 54 शतक लगाकर सचिन तेंदुलकर का वो तिलस्मी रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उनके नाम सबसे कम एकदिवसीय पारी में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना आज के किसी भी क्रिकेटर के लिए नामुमकिन है।

9. 2 टीमों के खिलाफ एकदिवसीय मैच में लगातार तीन शतक लगाने का रिकॉर्ड

विराट कोहली दुनिया के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने श्रीलंका और वेस्टइंडीज जैसी 2 अलग अलग टीमों के खिलाफ लगातार 3 एकदिवसीय मैचों में 3 शतक लगाए है, ऐसा करना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं इसीलिए तो उन्हें क्रिकेट का किंग कहा जाता है।

10. सबसे कम  (175) एकदिवसीय पारियों में 8000 रन बनाने का रिकॉर्ड

विराट कोहली ने दुनिया के किसी भी दूसरे बल्लेबाजों की तुलना में सबसे तेज 8,000 एकदिवसीय रन बनाए है जिसके लिए उन्होंने 175 परियां खेली।
इन सभी आंकड़ों से एक बात तो साफ हो जाती है की आज के क्रिकेट युग में विराट कोहली जैसा बल्लेबाज अभी तक नहीं आया। उनके रिकॉर्ड इतने विशाल है कि कोई भी बल्लेबाज उनके आसपास भी नहीं है और उनके इसी खेलने के अंदाज के कारण उन्हें क्रिकेट का किंग कहा जाता है।

धन्यवाद 
Author Name:- Shamu

भारत की 5 बेस्ट क्रिकेट एकेडमी: जहाँ से निकलता है टीम इंडिया का रास्ता

भारत की 5 बेस्ट क्रिकेट एकेडमी जहां क्रिकेट सीख कर भारत के लिए क्रिकेट खेल सकते हो

भारत की बेस्ट क्रिकेट एकेडमी - Top Cricket Academies in India

दोस्तों क्रिकेट हमारे देश का सबसे लोकप्रिय खेल है और बहुत से किशोर और युवा क्रिकेट में अपना कैरियर आगे बढ़ाना चाहता है जिसके लिए वह क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करते हैं । आज हम आपको बताने वाले हैं भारत की 5 बेस्ट क्रिकेट एकेडमी जहां आप क्रिकेट कि बेहतर तकनीक सीख सकते हो । इन एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली सभी वस्तुएं उपलब्ध होगी और भारत की तरफ से क्रिकेट खेल चुके लोग आपको इन एकेडमी में प्रशिक्षण देंगे । तो दोस्तों शुरू करते हैं ।

1. मदन लाल क्रिकेट एकेडमी दिल्ली

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदनलाल दिल्ली में अपनी क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं जहां वह नव युवकों को क्रिकेट के गुर सिखाते हैं । इस एकेडमी में आधुनिक तकनीक वाली बॉलिंग मशीन और लाइट सेंसर वाली विकेट भी उपलब्ध है। इस एकेडमी में ऐसे युवाओं को लिया जाता है जिनको क्रिकेट की अच्छी खासी जानकारी हो और क्रिकेट खेलना आता हो । इस एकेडमी में क्रिकेट सीखने आए युवाओं को जिन्हें पहले से ही क्रिकेट आता हो उनकी बैटिंग और बॉलिंग को निखारा जाता है । क्योंकि इस एकेडमी को वह लोग चलाते हैं जो पहले से ही भारत के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं इसलिए इसमें प्रवेश लेना बहुत ही मुश्किल होता है परंतु अगर एक बार एडमिशन मिल गया तो वह भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपने को पूरा कर सकते हैं।

2. सहवाग क्रिकेट एकेडमी

भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी हाल में ही अपनी क्रिकेट एकेडमी खोली है जहां पर रणजी खेले हुए खिलाड़ी युवाओं को प्रशिक्षण देते हैं । यहां पर आप अपने खेल में सुधार ला सकते हैं और समय-समय पर सहवाग यहां आकर युवाओं से मिलते हैं और उन्हें प्रशिक्षण देते हैं । यहां पर क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले सभी आधुनिक उपकरण उपलब्ध है और आपको यहां पर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से मिलने का भी मौका मिलता है । यही कारण है कि इसे India की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट अकादमी में गिना जाता है। सहवाग क्रिकेट एकेडमी झज्जर में स्थित है।
क्रिकेट एकेडमी का नाम स्थान (Location)
मदन लाल क्रिकेट एकेडमी नई दिल्ली
सहवाग क्रिकेट एकेडमी झज्जर, हरियाणा
नेशनल स्कूल ऑफ क्रिकेट देहरादून, उत्तराखंड
नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) बेंगलुरु, कर्नाटक
वेंगसरकर क्रिकेट एकेडमी मुंबई, महाराष्ट्र
सोननेट क्रिकेट क्लब दिल्ली
कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट (KIOC) बेंगलुरु

3. नेशनल स्कूल ऑफ क्रिकेट

नेशनल स्कूल ऑफ क्रिकेट एकेडमी देहरादून में स्थित है। इस एकेडमी को एशियन स्कूल और अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी मिलकर चलाते हैं । इसलिए अगर आप बचपन से ही बच्चों को क्रिकेट के प्रति जागरूक बनाना चाहते हो और उनके क्रिकेट के खेल को और निखारना चाहते हो तो आपको अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी को ज्वाइन करना चाहिए इसके लिए आपको पहले एशियन स्कूल में एडमिशन लेना पड़ेगा और अगर आप युवा है तो आप डायरेक्ट एकेडमी को ज्वाइन कर सकते हैं । यहां पर विश्व के प्रसिद्ध कोच बच्चों और युवाओं को कोचिंग देते हैं जिससे वह अपने क्रिकेट कैरियर को अच्छा बना सकते हैं।

4. नेशनल क्रिकेट एकेडमी बेंगलुरु

बेंगलुरु की नेशनल क्रिकेट एकेडमी को बीसीसीआई ने वर्ष 2000 में स्थापित किया था । यहां युवाओं की क्रिकेट प्रतिभाओं को तराशा जाता है । यह अकैडमी बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में युवाओं को प्रशिक्षण देते हैं । कपिल देव, रवि शास्त्री सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले जैसे दिग्गज पूर्व क्रिकेटरों की छत्रछाया में यहां पर युवाओं को ट्रेनिंग मिलती है। इसके साथ ही इस एकेडमी में हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध है। क्योंकि यह अकैडमी बीसीसीआई द्वारा स्थापित की गई है तो यहां पर कोचिंग ले रहे खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने का भी मौका मिलता रहता है। इसलिए वहां उन्हीं खिलाड़ियों को एडमिशन मिलता है जो क्रिकेट को अच्छे तरीके से खेलना जानते हैं।

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5. वेंगसरकर क्रिकेट एकेडमी

वेंगसरकर क्रिकेट एकेडमी की शुरुआत 1994 में दिलीप वेंगसरकर ने मुंबई में की थी और यह देश की सबसे नामी एकेडमी मैं से एक है । यहां पर देश के नामी कोच युवाओं को क्रिकेट की कोचिंग देते हैं । इस क्रिकेट एकेडमी की एक खास बात यह है कि अगर आप गरीब है और अपने बच्चों को क्रिकेट सिखाना चाहते हो तो आपको यहां पर फ्री में कोचिंग मिलती हैं, जिसका अलग से प्रावधान है । यहां पर कोचिंग ले चुके बहुत से युवा आज राज्य स्तर पर क्रिकेट खेल रहे हैं और भविष्य में देश के लिए भी क्रिकेट खेलेंगे। यहां पर आपको उच्च कोटि का प्रशिक्षण क्रिकेट के सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होती है तो आप भी यहां पर आकर अपने बच्चों को और अगर आप युवा हो तो यहां पर कोचिंग ले सकते हो।

तो दोस्तों यह थी भारत की 5 सबसे प्रसिद्ध क्रिकेट एकेडमी जहां आप क्रिकेट की सभी बारीकियों को सीख कर अपने क्रिकेट कैरियर को आगे बढ़ा सकते हैं । इस बात का अवश्य ध्यान रहे कि इन अकादमियों में 6 से 22 साल तक के आयु वालों को ही एडमिशन मिलता है, इसलिए अगर आप किसी बच्चे को एकेडमी भेजते है तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वो एकेडमी आपके घर या शहर के पास हो। अगर स्कूल में ही क्रिकेट की कोचिंग मिलती हो तो एकेडमी में न भेजे पहले बच्चे को क्रिकेट की थोड़ी बहुत जानकारी हो जाए उसके बाद भेज दे।

इस बात पर भी ध्यान दें

इसके अलावा एकेडमी में क्रिकेट के गुर सीखना काफ़ी हद तक खर्चीला भी होगा क्योंकि अकादमी की फ़ीस, क्रिकेट किट, अगर हॉस्टल में रहते हो तो उसका खर्चा अलग बाहर रहते हो तो रोज आने जाने का खर्चा इसलिए मेरी बात माने तो घर के नजदीक अगर कोई क्रिकेट अकादमी है या स्कूल में क्रिकेट अकादमी है तो पहले वहां प्रशिक्षण ले और जब आपकी क्रिकेट को समझने तथा खेलने की बेहतर हो जाए तब बड़ी क्रिकेट अकादमी में ज्वाइन करे क्योंकि उतनी आसानी से इनमें एडमिशन नहीं मिलता जितना आप सोच रहे हो।

सबसे बेस्ट एकेडमी कौन सी है?

देखिए, आपके मन में यह सवाल तो जरूर आएगा कि इनमें से सबसे बेस्ट क्रिकेट एकेडमी कौन सी है। दोस्तों मैने जो भारत की 5 सबसे सबसे बढ़िया क्रिकेट एकेडमी के बारे में बताया है वो सारे बेस्ट ही है। इन सब की आपस में तुलना करना सही नहीं है और चार्ट में मैंने दो अतिरिक्त क्रिकेट एकेडमी की जानकारी दी है वो भी बढ़िया है। लेकिन अगर आपको नेशनल क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन मिल जाए तो अच्छा है क्योंकि यह BCCI द्वारा स्थापित है।

दोस्तों अगर आप क्रिकेट के अलावा किसी दूसरे स्पोर्ट्स की एकेडमी के बारे में जानना चाहते हो तो कॉमेंट में जरूर लिखे ताकि हम विस्तार से आपको जानकारी दे सके।
धन्यवाद
Author Name:- Shamu

भारत की 5 बेस्ट फुटबॉल एकेडमी: यहाँ से शुरू करें अपना प्रोफेशनल करियर

भारत की 5 बेस्ट फुटबॉल एकेडमी जहां पर आप फुटबॉल की कोचिंग ले सकते हो

Top 5 Football Academies in India for professional

भारत में जहां क्रिकेट का खेल हर एक के मन पर छाया हुआ है वहीं अब धीरे-धीरे फुटबॉल में भी अब लोग रुचि दिखाने लगे हैं । इसी बात को ध्यान रखते हुए इंडियन प्रीमियर लीग की तरह ही फुटबॉल लीग (इंडियन सुपर लीग और आई लीग) का भी आयोजन किया जाता है । हमने अपनी पिछली पोस्ट में भारत के पांच बेस्ट क्रिकेट एकेडमी के बारे में बताया था।
आज हम आपको बताने वाले हैं भारत के 5 बेस्ट फुटबॉल एकेडमी जहां पर आप फुटबॉल की कोचिंग लेकर फुटबॉल खेलने का सपना पूरा कर सकते हो।

1. ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF)

जिस तरह बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट टीम को कंट्रोल करता है उसी तरह ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन इंडियन फुटबॉल टीम को कंट्रोल करता है । इसकी स्थापना वर्ष 1937 में हुई थी और वर्ष 1948 में फीफा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेलने के लिए क्वालीफाई किया था । इसमें 16 साल से अधिक आयु वालों को नहीं लिया जाता । ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन में आपको बेस्ट कोचिंग के साथ-साथ हॉस्टल, जिम, स्विमिंग पूल और पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध है। इंडियन सुपर लीग और रैली का आयोजन भैया ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन ही करती है इसके साथ ही यह क्षेत्रीय फुटबॉल अकेडमी भी चलाते हैं जिसमें मुंबई रीजनल अकेडमी, कोलकाता रीजनल अकेडमी, गोवा रीजनल अकेडमी, गोवा इलाइट अकेडमी शामिल है । अगर आप भी रोनाल्डो और मेसी की तरह फुटबॉलर बनना चाहते हो तो इन एकेडमी में प्रवेश जरूर ले ।

2. भाईचुंग भुटिया फुटबॉल स्कूल (BBFS)

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान भाईचुंग भुटिया ने दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और जम्मू में अपने फुटबॉल स्कूल खोले हैं जहां पर बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ फुटबॉल के भी कोचिंग मिलती हैं । यहां पर आपको जाने-माने फुटबॉल कोच स्टीवी ग्रीव से फुटबॉल की कोचिंग मिलती है। अगर आप फुटबॉल में अपना कैरियर आगे बढ़ाना चाहते हो या अपने बच्चे को बचपन से ही फुटबॉल सिखाना चाहते हो तो आप इन स्कूलों में एडमिशन ले सकते हैं जिनमें 5 साल से लेकर 18 साल तक के बच्चे को एडमिशन मिलता है।

3. प्रीमियर इंडियन फुटबॉल अकैडमी (PIFA)

प्रीमीयर इंडियन फुटबॉल अकैडमी की स्थापना वर्ष 2002 में निर्गुण शाह और अंजलि शाह ने की थी । इस एकेडमी में फुटबॉल की कोचिंग के साथ ही आपको शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध है । यहां पर कोचिंग ले रहे खिलाड़ियों को हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध है । प्रीमीयर इंडियन फुटबॉल एकेडमी का विदेशी फुटबॉल एकेडमी से भी टाई-अप है जिससे यहां फुटबॉल सीख रहे खिलाड़ियों को विदेश जाने का मौका मिलता है और वह विदेशी कोच और खिलाड़ियों से फुटबॉल की बारीकियों को सीख कर सकते हैं । इस एकेडमी में गर्ल्स को भी फुटबॉल के ट्रेनिंग मिलती है इसलिए इस एकेडमी को भारत के बेस्ट फुटबॉल एकेडमी में गिना जाता है।

4. टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA)

टाटा फुटबॉल एकेडमी झारखंड में स्थित है जिसकी स्थापना जेआरडी टाटा ने की थी। अगर आप अपने बच्चे को बचपन से ही एक अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हो जहां पर खेलकूद की सुविधा उपलब्ध हो तो आप टाटा फुटबॉल एकेडमी में बच्चे का एडमिशन कर सकते हो क्योंकि हम बच्चों को फुटबॉल की बेस्ट कोचिंग के साथ-साथ मासिक वजीफा, खेलकूद के कपड़े, गर्मी सर्दी के कपड़े, चिकित्सक देखभाल, जीवन बीमा और हॉस्टल जैसी अनेकों सुविधाएं उपलब्ध है। इसलिए यदि आप युवा हो या फिर अपने बच्चे को एक अच्छी शिक्षा और फुटबॉल के खेल में उसका कैरियर बनाना चाहते हो तो टाटा फुटबॉल एकेडमी में उसका एडमिशन करवाएं।

5. इंडियन टाइगर फुटबॉल अकैडमी(ITFA)

मुंबई में स्थित इंडियन टाइगर फुटबॉल एकेडमी की स्थापना वर्ष 2008 में शर्ली सिंह, गैरेथ हॉल, डेविड ली और चेल्सी प्लेयर्स ने की थी। इस फुटबॉल एकेडमी में बहुत से विदेशी फुटबॉल कोच भी है और इसके साथ ही इंडियन टाइगर फुटबॉल अकैडमी का टाई अप टूर्स डायरेक्ट इंटरनेशनल के साथ है जो कि बहुत से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल एकेडमी के मैचों का आयोजन करता है । यहां पर फुटबॉल की कोचिंग ले रहे खिलाड़ियों को विदेश में जाकर अपनी फुटबॉल की प्रतिभा को दर्शाने का मौका मिलता है । इंडियन टाइगर फुटबॉल अकैडमी में भी शिक्षक की सुविधा उपलब्ध है जहां पर 5 साल से 18 साल के उम्र तक के बच्चों को एडमिशन मिलता है।

फुटबॉल एकेडमी में एडमिशन कैसे मिलेगा?

भारत के इन सभी टॉप फुटबॉल अकादमियों में इतनी आसानी से प्रवेश नहीं मिलता। कोच पहले खिलाड़ी की खेल को समझने वाली तकनीक देखता है उसके बाद प्लेयर का स्टैमिना चैक किया जाता है क्योंकि इस खेल में हर समय खिलाड़ियों को दौड़ना पड़ता है और जिन लोगों में स्टैमिना नहीं होता उनको यहाँ एडमिशन नहीं मिलता।
लेकिन अगर आप प्रतिभाशाली हो तो ITFA जैसी एकेडमी फ्री में ट्रेनिंग देती है साथ में रहना और खाना पीना भी मुफ्त में प्रदान करते है।

अगर आप फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहते हो तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें

एक फुटबॉल खिलाड़ी के लिए उसका फिटनेस ही सबकुछ होता है इसलिए खाने पीने का खास ध्यान रखे अच्छी प्रोटीन वाली डाइट लेते रहे और नियमित ट्रेनिंग लेने के साथ ही फुटबॉल के दावपेंच सीखते रहे।
इसके साथ ही आप एकेडमी में ट्रेनिंग तो करते रहे लेकिन साथ ही अगर स्कूल या फिर लोकल टूर्नामेंटों में भी हिस्सा लेते रहे इससे आपको और ज्यादा एक्सपीरियंस मिल जाएगा जिसका आप स्टेट लेवल और नेशनल लेवल में इस्तेमाल कर सकते हो। अगर आपने एकेडमी ज्वाइन किया है तो कोशिश करो कि अपने किसी दोस्त या सगे सम्बन्धी को जिसे फुटबॉल में रुचि है और एकेडमी में एडमिशन नहीं ले सकता उसे आप ट्रेनिंग दो, इससे उसके खेल में भी निखार आएगा और आपकी प्रैक्टिस भी हो जाएगी। आपके इस ट्रेनिंग से हो सकता है की उसे एकेडमी में स्कॉलरशिप के द्वारा एंट्री मिल जाए।
प्रशिक्षण लेते रहे और देश के लिए एक अच्छे खिलाड़ी के तौर पर उभरे क्योंकि हमारे देश में फुटबॉल की लोकप्रियता उतनी नहीं है जितनी क्रिकेट की है। इसे भी एक लोकप्रिय खेल बनाने की कोशिश करें ताकि हमारे देश से भी मेस्सी और रोनाल्डो जैसे प्लेयर उभर के निकले।
धन्यवाद
Author Name :- Shamu

शनिवार, 25 अप्रैल 2026

भारत में हॉकी से ज्यादा क्रिकेट क्यों लोकप्रिय है? ये हैं 6 बड़े कारण


क्यों भारत में हॉकी से ज्यादा क्रिकेट लोकप्रिय है? ये हैं वो 6 बड़े कारण

Why Cricket is more popular than Hockey in India in Hindi

​भारत में खेल प्रेमियों की कमी नहीं है, यहाँ फुटबॉल, टेनिस और बैडमिंटन जैसे कई खेल खेले जाते हैं। लेकिन जब बात आती है सबसे लोकप्रिय खेल की, तो क्रिकेट का नाम सबसे ऊपर आता है। क्रिकेट आज भारत के हर घर और हर दिल में बस चुका है, चाहे लड़के हों या लड़कियां। दूसरी ओर, हॉकी जो हमारा गर्व रहा है, आज की युवा पीढ़ी उसके बारे में उतनी जानकारी नहीं रखती और भूलती जा रही है।
​आज हम विस्तार से जानेंगे वो 6 बड़े कारण, जिनकी वजह से भारत में क्रिकेट ने हॉकी को पीछे छोड़ दिया है, साथ ही ऐसा क्या करे कि हॉकी को भी क्रिकेट के तरह सम्मान मिले और पहचान मिले।

​आर्टिकल को विस्तार से समझने से पहले, आइए इन दोनों खेलों की मौजूदा स्थिति को देखते हैं:
विशेषता (Feature) क्रिकेट (Cricket) हॉकी (Hockey)
मुख्य टूर्नामेंट IPL, World Cup Olympics, World Cup
ग्लोबल स्टार्स सचिन, विराट, धोनी ध्यानचंद, मनप्रीत सिंह
प्रसारण (Broadcast) बहुत ज्यादा (24/7) सीमित (Major Events)

​लोकप्रियता के 6 मुख्य कारण:

​1. आर्थिक अंतर और आईपीएल (IPL) का प्रभाव

कमाई का जरिया क्रिकेट (BCCI) हॉकी (Hockey India)
सालाना फिक्स सैलरी ₹1 करोड़ से ₹7 करोड़ तक ₹10 लाख से ₹25 लाख (नौकरी के साथ)
लीग मैच फीस (IPL vs HIL) ₹20 लाख से ₹25 करोड़ तक ₹2 लाख से ₹45 लाख तक
मैच फीस (प्रति मैच) ₹3 लाख से ₹15 लाख तक दैनिक भत्ता (DA) - ₹2000 के करीब
​क्रिकेट में आज जितना पैसा है, उतना दुनिया के किसी और खेल में कम ही देखने को मिलता है। भारतीय क्रिकेटर्स की सैलरी करोड़ों में है, जबकि हॉकी खिलाड़ियों को उनकी तुलना में बहुत कम मिलता है। आईपीएल के आने के बाद तो क्रांति ही आ गई है, जहाँ युवा खिलाड़ियों को रातों-रात शोहरत और पैसा मिलता है। युवा अब क्रिकेट को एक बेहतरीन करियर के रूप में देखते हैं क्योंकि यहाँ भविष्य सुरक्षित दिखता है।

​2. खेलने का तरीका और फिटनेस

​यह एक बहुत ही दिलचस्प कारण है। क्रिकेट में 11 खिलाड़ी होते हैं, लेकिन मैदान पर एक समय में सिर्फ दो बल्लेबाज और एक गेंदबाज मुख्य भूमिका में होते हैं, बाकी खिलाड़ियों को थोड़ा आराम मिल जाता है। इसके विपरीत, हॉकी में सभी 11 खिलाड़ियों को पूरे मैच के दौरान मैदान पर लगातार भागना पड़ता है। हॉकी में फिटनेस का स्तर बहुत ऊंचा चाहिए और इसमें चोटिल होने का खतरा भी क्रिकेट से ज्यादा होता है।

​3. खेल के मैदानों और एकेडमी की कमी

भारत के हर राज्य, जिले और गाँव में आपको क्रिकेट के मैदान या खेलने की जगह मिल जाएगी। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में तो लोग खेतों में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर देते हैं। लेकिन हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ (सपाट कृत्रिम घास) वाले मैदानों की ज़रूरत होती है, जो भारत में बहुत कम हैं। जहाँ क्रिकेट की एकेडमी हर नुक्कड़ पर खुली हैं, वहीं हॉकी एकेडमी और अच्छे कोच आज भी बहुत सीमित हैं।

4. खेल के सामान की उपलब्धता

​क्रिकेट की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह है कि इसे किसी भी चीज़ से शुरू किया जा सकता है। क्रिकेट में क्या होता है कि अगर आपके पास बैट नहीं है, तो लकड़ी के पट्टे से जुगाड बन जाता है और जुराबों की गेंद या टेनिस बॉल से काम चल जाता है। लेकिन हॉकी के लिए हर खिलाड़ी के पास अपनी हॉकी स्टिक होनी चाहिए और साथ ही सुरक्षा के सामान होने ज़रूरी हैं, जिसे हर कोई खरीद नहीं पाता।

​5. शारीरिक बनावट और भारतीय हाइट

​हॉकी में अक्सर लंबी हाइट और मज़बूत कद-काठी वाले खिलाड़ियों को फायदा मिलता है क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को झुककर तेज भागना होता है और आपस में काफी भिड़ंत होती है। क्रिकेट में शारीरिक बनावट का उतना असर नहीं पड़ता; इसका सबसे बड़ा उदाहरण सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्होंने कम हाइट के बावजूद दुनिया पर राज किया। भारत के पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को छोड़ दें, तो औसत हाइट के हिसाब से क्रिकेट भारतीयों के लिए ज्यादा सहज रहा है।

​6. प्रमोशन और विज्ञापनों का खेल

​जब भी कोई क्रिकेट सीरीज़ या वर्ल्ड कप होता है, तो टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर उसका इतना प्रमोशन किया जाता है कि बच्चा-बच्चा उससे जुड़ जाता है। क्रिकेटर्स आज बड़े ब्रांड्स के चेहरे बन चुके हैं। इसके विपरीत, हॉकी के मैचों को उतना प्रमोट नहीं किया जाता। टेलिवीजन पर जब कोई क्रिकेटर आता है तो बच्चा भी उसे पहचान लेता है, लेकिन अगर कोई हॉकी प्लेयर टीवी में आता है तो उसे कोई पहचानने वाला नहीं है। भाई जब तक खिलाड़ी का चेहरा टीवी पर नहीं दिखेगा, लोग उसे पहचानेंगे कैसे? इसी कारण भारतीय हॉकी टीम के सितारों को आज भी वह पहचान नहीं मिल पाई है जो क्रिकेटर्स को मिली है।
​हॉकी को फिर से लोकप्रिय कैसे बनाएं?

यह भी पढ़ें:-Virat Kohli vs Babar Azam: कौन है क्रिकेट का असली किंग? देखें आंकड़े 

​हॉकी हमारा गौरव है और इसे वापस ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हमें कुछ ठोस कदम उठाने होंगे:

ग्रामीण स्तर पर एकेडमी: हर राज्य में हॉस्टल सुविधा वाली हॉकी एकेडमी होनी चाहिए।
अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच: क्रिकेट की तरह हॉकी में भी ज्यादा द्विपक्षीय सीरीज़ होनी चाहिए।
सैलरी और सुविधाएं: खिलाड़ियों के वेतन में बढ़ोतरी होनी चाहिए ताकि युवा इसे करियर के रूप में चुन सकें।
मीडिया कवरेज: टीवी पर हॉकी मैचों को भी उसी तरह प्रमोट किया जाए जैसे आईपीएल को किया जाता है।
अपने राष्ट्रीय खेल का विस्तार: हॉकी भारत का गौरवशाली खेल है लेकिन उतना ही बुरा हाल इसका किया हुआ है, यह तो अच्छा हुआ कि Hockey Indian League शुरू हो गया नहीं तो हॉकी Olympics और Asian गेम्स तक ही सीमित हो गई थी।

​निष्कर्ष

​इसमें कोई शक नहीं कि क्रिकेट आज भारत का सबसे बड़ा खेल है, लेकिन टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन ने फिर से एक उम्मीद जगाई है। अगर सही सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले, तो हॉकी अपना पुराना मुकाम वापस पा सकती है।
आपकी क्या राय है? क्या क्रिकेट को भारत का राष्ट्रीय खेल घोषित कर देना चाहिए या हॉकी को फिर से वही प्यार मिलना चाहिए? कमेंट में हमें जरूर बताएं!

धन्यवाद

Author name :- Shamu

Virat Kohli vs Babar Azam: कौन है क्रिकेट का असली किंग? देखें आंकड़े



Virat Kohli vs Babar Azam: कौन है क्रिकेट की दुनिया का असली किंग

Virat Kohli vs Babar Azam Comparison Stats


दोस्तों, क्रिकेट की दुनिया में जब भी किसी बेहतरीन क्रिकेटर का नाम लिया जाता है, तो वो खिलाड़ी है विराट कोहली। लेकिन एक खिलाड़ी और है बाबर आजम, उसे भी पाकिस्तान में 'किंग' बोलते हैं। वैसे दोस्तों, इन दोनों का कोई  Comparison तो नहीं बनता क्योंकि इनके आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर है। विराट कोहली अगर अर्श पर हैं तो बाबर आजम फर्श पर हैं, लेकिन फिर भी दोनों की तुलना कर ही लेते हैं कि कौन असली किंग है और कौन सिर्फ नाम का किंग।

​विराट कोहली (Virat Kohli): 'किंग' का साम्राज्य

​विराट कोहली ने 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ अपना ODI डेब्यू मैच खेला और वेस्टइंडीज के खिलाफ 20 जून 2011 को अपना टेस्ट डेब्यू किया। T20 की बात करें तो कोहली ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 12 जून 2010 में टी20 में डेब्यू किया।
  • ​ODI आंकड़े: विराट कोहली ने अभी तक 311 ओडीआई मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 58.7 की बैटिंग ऐवरेज के साथ 54 शतक और 77 अर्धशतक की मदद से 14,797 रन बनाए हैं। विराट ने 120 बार तो 50 से ज्यादा रन किए हैं और इनका सर्वाधिक स्कोर 183 रन रहा है, जो पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2012 में बनाया था।
  • ​टेस्ट आंकड़े: अभी तक कोहली ने 123 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 46.85 की बैटिंग ऐवरेज से 30 शतक और 31 अर्धशतक की बदौलत 9,230 रन बनाए हैं। इनका टेस्ट में सर्वाधिक स्कोर 254 नाबाद रहा है, जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2019 में बनाया था।
  • T20 आंकड़े: T20 से तो विराट कोहली अब संन्यास ले चुके हैं, लेकिन उससे पहले उन्होंने 125 मैच खेले हैं, जिसमें 48.7 की बैटिंग ऐवरेज, 1 शतक और 38 अर्धशतक से उन्होंने 4,188 रन बनाए हैं। टी20 में विराट कोहली का सर्वाधिक स्कोर 122 रन नाबाद रहा है, जो अफगानिस्तान के खिलाफ 2022 में बनाया था।

​Virat Kohli IPL Career

​आईपीएल में विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की तरफ से खेलते हैं और 18 अप्रैल 2008 में डेब्यू किया। अभी तक कोहली आईपीएल में 270 मैच खेल चुके हैं और आगे भी खेलते रहेंगे। आईपीएल की बात करें तो 39.77 की बैटिंग ऐवरेज से 8 शतक और 65 अर्धशतक के साथ 8,600 रन बना चुके हैं, जिसमें इनका सर्वाधिक स्कोर 113 रन रहा है।

​बाबर आजम (Babar Azam): पाकिस्तान की उम्मीद

​अब बात करते हैं पाकिस्तान के किंग बाबर आजम के बारे में, जिन्हें उनके फैंस सईद अनवर और इंजमाम से भी बड़ा क्रिकेटर मानते हैं। बाबर ने अपना ODI डेब्यू 31 मई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। 
  • ​ODI आंकड़े: वह अभी तक 140 ओडीआई मैचों में 53.7 की ऐवरेज से 20 शतक और 37 अर्धशतक की बदौलत 6,501 रन बना चुके हैं। इनका सर्वाधिक स्कोर 158 रन रहा है, जो उन्होंने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया।
  • ​टेस्ट आंकड़े: बाबर आजम ने 13 अक्टूबर 2016 को अपना टेस्ट डेब्यू मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। टेस्ट में अभी तक वो 61 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 42.39 के ऐवरेज द्वारा 9 शतक और 30 अर्धशतक की मदद से 4,366 रन बनाए हैं और सर्वाधिक स्कोर 196 रन रहा है।
  • ​T20 आंकड़े: T20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में बाबर आजम ने 7 सितंबर 2016 को इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया और वह अभी तक 145 T20 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 38.94 की ऐवरेज, 3 शतक और 39 अर्धशतक की सहायता से 4,596 रन अपने खाते में अर्जित किए हैं। इस फॉर्मेट में बाबर का सर्वाधिक स्कोर 145 रन रहा है।
खिलाड़ी का नाम ODI (औसत/रन) TEST (औसत/रन)
विराट कोहली 58.7 (14,797 रन) 46.85 (9,230 रन)
बाबर आजम 53.7 (6,501 रन) 42.39 (4,366 रन)

​बाबर आजम PSL (Pakistan Super League)

​बाबर आजम ने 2016 में इस्लामाबाद यूनाइटेड की तरफ से अपना PSL डेब्यू मैच खेला था। PSL में अभी तक बाबर 3 अलग-अलग टीमों से खेल चुके हैं—इस्लामाबाद यूनाइटेड, कराची किंग्स और पेशावर ज़ाल्मी, जिसके वह वर्तमान में कप्तान भी हैं। अभी तक PSL में उन्होंने 108 मैच खेले हैं, जिसमें 47.11 की ऐवरेज, 3 शतक और 30 अर्धशतक लगाने के बाद 4,218 रन बना चुके हैं। इसके अलावा बाबर दुनिया भर की लगभग सभी T20 लीग (BPL, CPL, T20 Blast, BBL, LPL) में हिस्सा लेते हैं।

​दोनों में से कौन है असली किंग? (तुलनात्मक विश्लेषण)

​दोस्तों, अगर मैं अपने दिल से बताऊं तो किसी भी देश के खिलाड़ी हों, उनके अपने फैंस होते हैं और सबकी नज़र में उनका मनपसंद खिलाड़ी किंग ही होता है। विराट कोहली और बाबर आजम भी ऐसे ही बल्लेबाज हैं जिनकी अपनी खुद की अलग फैन फॉलोइंग है। इसके अलावा, अगर हम दोनों की तुलना करें तो बाबर आजम विराट कोहली से कोसों दूर हैं।

​विराट कोहली 311 एकदिवसीय मैच खेल चुके हैं जबकि बाबर अभी तक 140 मैच ही खेल पाए हैं। इसका कारण ये है कि विराट कोहली ने बाबर आजम से 7 साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया है। लेकिन अगर हम बैटिंग एवरेज की बात करें, तो वहां भी विराट काफी आगे हैं।
TEAM (विराट कोहली) ODI TEST T20 Total
Australia89017
England3508
South Africa73010
New Zealand73010
West Indies93012
Sri Lanka105015
Pakistan4004
Bangladesh5207
Zimbabwe1001
Afghanistan0011
​विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में Total 85 सेंचुरी और 146 हाफ सेंचुरी बनाई हैं (IPL शतक अलग)।
TEAM (बाबर आजम) ODI TEST T20 Total
Australia3205
England2114
South Africa1012
New Zealand2215
West Indies5005
Sri Lanka4307
Bangladesh0101
Zimbabwe2002
Nepal1001
​बाबर आजम ने 106 फिफ्टी और अंतरराष्ट्रीय + PSL मिलाकर मात्र 35 शतक लगाए हैं। इससे आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि दोनों खिलाड़ियों की तुलना करना कहां तक सही बैठता है। बाबर आजम विराट कोहली से 50 सेंचुरी पीछे हैं और जिस तरह बाबर की फॉर्म है, उस हिसाब से अगर वो 10 या 12 साल भी और खेल लें तो भी वहां तक कभी नहीं पहुंचने वाले।

​हम ये नहीं कह सकते कि बाबर आजम एक अच्छे क्रिकेटर नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से BCCI अपने खिलाड़ियों को तैयार करता है और हर वो सुविधा देता है जिससे प्लेयर का टैलेंट निखर के बाहर आता है, वैसा PCB नहीं करता। यही कारण है कि आज भारतीय क्रिकेट टीम में ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन, रिंकू सिंह और वैभव सूर्यवंशी जैसे कई बड़े नाम हैं, लेकिन पाकिस्तान में कोई ऐसा बड़ा नाम नहीं।

​निष्कर्ष

​इन सभी आंकड़ों को देखकर अब आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि कौन क्रिकेट का असली किंग है। आपके नजर में कौन किंग है, ये हमें कमेंट करके बताइए और आप किन दो खिलाड़ियों का कंपैरिजन चाहते हैं वो भी बताएं ताकि हम विस्तार से आपको जानकारी दें।

​धन्यवाद

Author name :- Shamu

रविवार, 5 अप्रैल 2026

देवभूमि के खेल सितारे: हिमाचल के क्रिकेटर और कबड्डी खिलाड़ियों की पूरी जानकारी


देवभूमि हिमाचल: खेल के मैदानों में बढ़ते कदम और नई ऊंचाइयां

हिमाचल प्रदेश के खेल सितारों पर ब्लॉग थंबनेल, जिसमें भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान अजय ठाकुर (पीली जर्सी में) और महिला क्रिकेटर रेणुका सिंह ठाकुर (टीम इंडिया की नीली जर्सी में) को दिखाया गया है, साथ ही हिंदी टेक्स्ट भी है।


दोस्तों, हमारा ​हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अपनी स्वर्ग जैसी सुन्दरता के लिए तो इसकी पहचान है ही लेकिन अब यह राज्य खेलों की दुनिया में भी अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। चुनौतियों भरी भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहाँ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया है।

​1. विश्व का सबसे ऊँचा क्रिकेट स्टेडियम

जब भी हिमाचल में खेलों की बात होती है, धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम (HPCA) का नाम सबसे पहले आता है। धौलाधार की मनमोहक पहाड़ियों की गोद में स्थित यह स्टेडियम दुनिया के सबसे खूबसूरत मैदानों में से एक है। हम जब पिछले साल यहां मैच देखने आए थे चांदनी रात में स्टेडियम के पीछे धौलाधार के बर्फ से ढके पर्वत ऐसे लग रहे थे मानो किसी राजा का मुकुट हो। अगर आप कभी इस स्टेडियम में मैच देखने नहीं आए तो यकीन मानें, आपने बहुत कुछ मिस कर दिया। यहां न केवल आईपीएल (IPL) के मैच होते हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट और वनडे मैचों का आयोजन भी होता है। इसके अलावा, सोलन जिले के चैल में स्थित क्रिकेट मैदान दुनिया का सबसे ऊँचा क्रिकेट मैदान होने का ऐतिहासिक गौरव रखता है।

2. एथलेटिक्स और ऊँचाई पर प्रशिक्षण

​हिमाचल प्रदेश की ऊँचाई यहाँ के खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित होती है। साफ हवा और पहाड़ों पर रहने के कारण यहाँ के युवाओं के फेफड़ों की क्षमता (Stamina) प्राकृतिक रूप से दूसरे मैदानी क्षेत्रों में रहने वालों से अधिक होती है। यहाँ शिमला जिले के शिलारू में स्थित साई (SAI) सेंटर भारत का सबसे ऊँचा ट्रेनिंग सेंटर है। जहां पर भारतीय हॉकी टीम और एथलीट अपनी फिटनेस सुधारने के लिए आते हैं।

​3. हिमाचल के चमकते खिलाड़ी

​हिमाचल ने देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने कम संसाधनों में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। विजय कुमार (हमीरपुर): लंदन ओलंपिक में शूटिंग में रजत पदक जीतकर इन्होंने देश का मान बढ़ाया। ​अजय ठाकुर और प्रियंका नेगी ने कबड्डी की दुनिया बड़ा सम्मान प्राप्त किया है। अजय ठाकुर ने भारतीय कबड्डी टीम की कप्तानी की और विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। महिला क्रिकेट में शिमला की रहने वाली रेणुका सिंह ठाकुर इस समय भारतीय टीम की मुख्य तेज गेंदबाज हैं।

हिमाचल के प्रमुख पुरुष क्रिकेटर (Hometown Details)

खिलाड़ी का नाम कहाँ के रहने वाले हैं (Hometown) IPL टीम (2026) खास जानकारी
ऋषि धवन मंडी (Mandi) - हिमाचल क्रिकेट के सबसे बड़े स्टार। उन्होंने अपनी कप्तानी में हिमाचल को विजय हजारे ट्रॉफी जिताई थी।
अर्पित गुलेरिया कांगड़ा (Kangra) Lucknow Super Giants कांगड़ा के रहने वाले तेज गेंदबाज। ये अपनी सटीक लाइन और लेंथ के लिए जाने जाते हैं।
वैभव अरोड़ा अंबाला/चंडीगढ़ (HP डोमिसाइल) Kolkata Knight Riders हालांकि इनका जन्म अंबाला में हुआ, लेकिन इन्होंने अपना पूरा क्रिकेट करियर हिमाचल से बनाया है। इन्हें 'अंबाला एक्सप्रेस' भी कहा जाता है।
मयंक डागर शिमला (Shimla) Royal Challengers Bengaluru शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से पढ़ाई की है। ये पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के रिश्तेदार भी हैं।
आकाश वशिष्ठ कुल्लू (Kullu) Rajasthan Royals कुल्लू के रहने वाले ये ऑल-राउंडर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं।
प्रशांत चोपड़ा सोलन (Solan) - हिमाचल के सबसे भरोसेमंद ओपनर। इनका जन्म सोलन में हुआ था।
अंकुश बैंस हमीरपुर (Hamirpur) - हिमाचल रणजी टीम के मौजूदा कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज।
सिद्धार्थ शर्मा ऊना (Una) - ऊना के रहने वाले बेहतरीन तेज गेंदबाज जो गुजरात टाइटंस के साथ भी जुड़े रहे थे।
आयुष बदोनी हिमाचली मूल Lucknow Super Giants इनका परिवार मूल रूप से हिमाचल से है, हालांकि ये दिल्ली की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं।

​4. बीर बिलिंग

​हिमाचल प्रदेश सिर्फ अपनेर पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं है। इस प्रदेश के साहसिक खेल दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।कांगड़ा का बीर बिलिंग वह स्थान जो पैराग्लाइडिंग के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है और यहाँ पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आयोजन भी हो चुका है। इसके अलावा मनाली के सोलांग नाला में स्कीइंग और शिमला के लक्कड़ बाजार स्थित ऐतिहासिक रिंक में आइस स्केटिंग के लिए अपनी अलग पहचान है।

हिमाचल की प्रमुख महिला क्रिकेटर (Hometown Details)

खिलाड़ी का नाम कहाँ की रहने वाली हैं (Hometown) WPL टीम खास जानकारी
रेणुका सिंह ठाकुर रोहड़ू (शिमला) Royal Challengers Bangalore 'स्विंग क्वीन' के नाम से मशहूर, भारतीय टीम की मुख्य तेज गेंदबाज हैं।
सुषमा वर्मा शिमला (Shimla) Gujarat Giants भारतीय टीम की अनुभवी विकेटकीपर। शिमला से टीम इंडिया तक पहुँचने वाली पहली महिला खिलाड़ी।
हरलीन देओल हिमाचल (डोमिसाइल) Gujarat Giants शानदार मध्यक्रम बल्लेबाज और अपनी वर्ल्ड-क्लास फील्डिंग के लिए जानी जाती हैं।
अमनजोत कौर हिमाचल (घरेलू टीम) Mumbai Indians हिमाचल से घरेलू क्रिकेट खेलने वाली बेहतरीन ऑल-राउंडर जो टीम इंडिया का हिस्सा भी हैं।
प्राची चौहान शिमला (Shimla) - हिमाचल की उभरती हुई स्टार ओपनर बल्लेबाज जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है।
वसुंधरा भगत चंबा (Chamba) - चंबा जिले से आने वाली एक प्रतिभाशाली स्पिन गेंदबाज जो हिमाचल टीम का अहम हिस्सा हैं।

कबड्डी

कबड्डी तो माने हिमाचल प्रदेश की जान है यहां ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर हाई स्कूल और कॉलेजों में भी कबड्डी के टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है। यहां पर लोग जितना क्रिकेट को महत्त्व देते है उतना ही कबड्डी को देते है और अगर आप हिमाचल प्रदेश से हो तो आप भी स्कूल टाइम में कभी न कभी कबड्डी के टूर्नामेंट में जरूर गए होंगे

हिमाचल के स्टार कबड्डी खिलाड़ी (Men)

खिलाड़ी का नाम कहाँ के रहने वाले हैं (Hometown) PKL टीम / उपलब्धि खास जानकारी
अजय ठाकुर नालागढ़ (Dabhota) पूर्व कप्तान, टीम इंडिया पद्म श्री और अर्जुन अवार्ड विजेता। इन्हें कबड्डी का 'किंग' माना जाता है।
विशाल भारद्वाज ऊना (Una) Dabang Delhi K.C. बेहतरीन डिफेंडर (Ankle Hold स्पेशलिस्ट)। भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं।
सुरिंदर सिंह मंडी (Mandi) U Mumba मंडी जिले के रहने वाले आक्रामक डिफेंडर, जो PKL में कप्तानी भी कर चुके हैं।
बलदेव सिंह नालागढ़ (Solan) Puneri Paltan / Other शानदार राइट कॉर्नर डिफेंडर। बंगाल वॉरियर्स को खिताब जिताने में अहम रोल था।
महेंद्र सिंह मंडी (Mandi) U Mumba / Bengaluru Bulls इन्हें 'The Wall' कहा जाता है। डिफेंडिंग में इनका कोई सानी नहीं है।


हिमाचल की बेटियां किसी से कम है क्या

हिमाचल की स्टार कबड्डी खिलाड़ी (Women)

खिलाड़ी का नाम कहाँ की रहने वाली हैं (Hometown) मुख्य उपलब्धि खास जानकारी
ऋतु नेगी शिलाई (Sirmaur) कप्तान, भारतीय टीम एशियन गेम्स 2023 गोल्ड मेडलिस्ट कप्तान। हिमाचल पुलिस में कार्यरत हैं।
पुष्पा राणा शिलाई (Sirmaur) एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट भारतीय टीम की स्टार रेडर। शिलाई इलाके ने कई कबड्डी स्टार दिए हैं।
निधि शर्मा बिलासपुर (Bilaspur) एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट अपनी फुर्तीली रेडिंग के लिए जानी जाती हैं। भारतीय टीम की अहम सदस्य।
ज्योति ठाकुर सोलन (Solan) एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट डिफेंस और रेडिंग दोनों में माहिर ऑल-राउंडर खिलाड़ी।
कविता ठाकुर कुल्लू (Kullu) पूर्व एशियन गोल्ड मेडलिस्ट कुल्लू जिले की रहने वाली कविता ने लंबे समय तक भारतीय डिफेंस को संभाला है।

हिमाचल के गांवों में आज भी वॉलीबॉल और कबड्डी जैसे खेल बेहद लोकप्रिय हैं। सिरमौर जिले का शिलाई क्षेत्र महिला कबड्डी का गढ़ बन चुका है, हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े मैदानों की कमी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार अब पंचायत स्तर पर छोटे मैदान और जिम विकसित कर रही है। ताकि वह बच्चे जिनकी स्पोर्ट्स में रुचि है किसी कारण से पीछे न रह जाए। ​हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि यहाँ के युवाओं को सही कोचिंग और बुनियादी सुविधाएँ मिलें, तो आने वाले समय में 'देवभूमि' के खिलाड़ी ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर और भी अधिक पदक जीत सकते हैं। एक स्पोर्ट्स ब्लॉगर के रूप में, मुझे और आपको इन स्थानीय नायकों की कहानियों को दुनिया के सामने लाना चाहिए।
धन्यवाद 
Author Name:-  Shamu