Pakistan Hockey: 8 साल बाद वर्ल्ड कप का टिकट, लेकिन खिलाड़ियों की जेब खाली; सरकार ने जारी किया फंड
Pakistan Hockey Federation (PHF) News: पाकिस्तान हॉकी के लिए एक तरफ खुशियों की लहर है, तो दूसरी तरफ आर्थिक तंगी ने खिलाड़ियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हाल ही में पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने पुष्टि की है कि सरकार ने FIH नेशंस लीग और FIH वर्ल्ड कप में टीम की भागीदारी के लिए फंड जारी कर दिया है। लेकिन क्या यह फंड खिलाड़ियों की परेशानियों को दूर करने के लिए काफी है? आइए जानते हैं पूरी सच्चाई।
8 साल का सूखा खत्म, वर्ल्ड कप के लिए किया क्वालीफाई
पाकिस्तान हॉकी टीम ने हाल ही में मिस्र (Egypt) में खेले गए वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। इसी के साथ पाकिस्तान ने 8 लंबे सालों के बाद हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। पूरे देश में इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया और इसे हॉकी के पुनरुद्धार (revival) का संकेत माना गया।
अब्दुल हन्नान शाहिद का बड़ा खुलासा: "सिर्फ $40 में गुजारा"
जहां एक तरफ देश जीत का जश्न मना रहा था, वहीं टीम के स्टार खिलाड़ी अब्दुल हन्नान शाहिद ने सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों की दयनीय स्थिति का खुलासा कर सबको चौंका दिया। हन्नान के मुताबिक, इतने बड़े टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को प्रतिदिन केवल 40 अमेरिकी डॉलर (लगभग 11,000 पाकिस्तानी रुपये) का दैनिक भत्ता (Daily Allowance) दिया गया।
हन्नान ने निराशा जताते हुए कहा, "यह खिलाड़ियों के लिए बेहद निराशाजनक है। हमारे पास न तो कोई मैच फीस है और न ही सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट। हम सिर्फ देश के सम्मान के लिए खेल रहे हैं, लेकिन आर्थिक रूप से हमें कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा।"
भत्ते में भारी कटौती: 2018 बनाम 2026
हन्नान शाहिद ने आंकड़ों के जरिए दिखाया कि कैसे पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों की सुविधाओं में कटौती की गई है:
2018 में: खिलाड़ियों को $200 प्रतिदिन मिलते थे।
2022 में: यह घटकर $150 हो गया।
2026 में: अब यह गिरकर मात्र $40 रह गया है।
तुलना के लिए उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के खिलाड़ियों को सामान्य टूर्नामेंट्स में भी $130 प्रतिदिन तक का भत्ता मिलता है। इसके अलावा, खिलाड़ियों को अभी तक 2025 के घरेलू दैनिक भत्ते का भुगतान भी नहीं किया गया है।
सरकार का कदम: फंड तो मिला, पर क्या पहुंचेगा खिलाड़ियों तक?
पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) और PHF ने शुक्रवार को पुष्टि की कि दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए धन जारी कर दिया गया है। इससे नेशंस लीग और वर्ल्ड कप में टीम भेजने का रास्ता तो साफ हो गया है, लेकिन खिलाड़ियों की मुख्य मांग सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और बेहतर भत्ते को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
हॉकी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा जरूरी
अब्दुल हन्नान का मानना है कि अगर पाकिस्तान हॉकी को फिर से विश्व स्तर पर नंबर-1 बनाना है, तो खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कराना होगा। बिना किसी वित्तीय प्रोत्साहन के, युवा खिलाड़ियों के लिए इस खेल को करियर के रूप में चुनना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion):
पाकिस्तान हॉकी ने मैदान पर तो जंग जीत ली है, लेकिन मैदान के बाहर की 'आर्थिक जंग' अभी भी जारी है। सरकार द्वारा फंड जारी करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन खिलाड़ियों के सम्मान और उनकी मेहनत के सही मुआवजे के बिना हॉकी का स्वर्णिम युग वापस लाना मुश्किल होगा।
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