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IND-W vs SA-W: लौरा वोल्वार्ड्ट के 'तूफानी' शतक ने छीनी जीत, भारत ने गंवाई टी20 सीरीज

भारत बनाम द. अफ्रीका महिला टी20: लौरा वोल्वार्ड्ट के ऐतिहासिक शतक से भारत की करारी हार। हरमनप्रीत और शेफाली की मेहनत बेकार, द. अफ्रीका ने जीती सीरीज।

 

दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत महिला टी20 सीरीज: लौरा वोल्वार्ड्ट के 'तूफानी' शतक से भारत की करारी हार

India Women vs South Africa Women

दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है। वोल्वार्ड्ट का शतक भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा की अर्धशतकीय पारियों पर भारी पड़ा।

भूमिका: भारत के लिए सीरीज बस औपचारिकता

​भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए इस सीरीज में बस औपचारिकता ही रह गई है। सीरीज के तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वही कहानी दोहराई गई जो पिछले दो मैचों में देखने को मिली थी। हालांकि, इस बार भारतीय बल्लेबाजों ने अपना दम दिखाते हुए बोर्ड पर 192 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन भारत की गेंदबाजी कमजोर रही और दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट (Laura Wolvaardt) के दमदार शतक ने भारत के अरमानों पर पानी फेर दिया। इस जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों की टी20 सीरीज पर अपना कब्जा जमा लिया है।

भारतीय पारी: हरमनप्रीत और शेफाली का अर्धशतकीय प्रहार

 वोल्वार्ड्ट ने टॉस जीतकर पहले भारतीय बल्लेबाजो को खेलने का मौका दिया। हाल ही में हुई बारिश के कारण मैदान गीला था इसके बावजूद भी भारतीय महिला खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी बैटिंग की।

आक्रामक शुरुआत

​स्मृति मंधाना ने पहली ही गेंद पर चौका जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। दूसरी तरफ से युवा सनसनी शेफाली वर्मा ने भी ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की। दोनों ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया और पहले 6 ओवरों में स्कोर को 51 रन तक पहुँचाया। लेकिन,मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स की जल्दी आउट होने से सारा दबाव मध्यक्रम बल्लेबाजों पर आ गया।

मध्यक्रम का पलटवार

​दो विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम थोड़ी लड़खड़ाई लेकिन वर्ल्ड चैंपियन इतने आसानी से हार नहीं मानते, शेफाली वर्मा ने अपनी पारी को संभाला और एक शानदार अर्धशतक जड़ा। उनके साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी मोर्चा संभाला। हरमनप्रीत ने अपनी क्लास दिखाते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट्स खेले। शेफाली के आउट होने के बाद ऋचा घोष ने भी अंत में कुछ बड़े हिट्स लगाए। जिसके बदौलत भारत 192 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा।

  • हरमनप्रीत कौर: 66 रन
  • शेफाली वर्मा: 64 रन

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी: वोल्वार्ड्ट का 'वन विमेन शो'

​193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को मालूम था कि स्कोर बड़ा है और इसे चेज करना इतना आसान नहीं होगा इसलिए उन्होंने भी पहली ही गेंद से भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

पावरप्ले में हुई रनों की बारिश

​दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट आज अलग ही मूड में नजर आ रही थीं। उन्होंने भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों, दोनों की जमकर धुनाई की जैसा की वो कहना चाहती हो कि हम भी किसी वर्ल्ड चैंपियन से कम नहीं। महज 23 गेंदों में उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। पावरप्ले के अंत तक दक्षिण अफ्रीका का स्कोर बिना किसी नुकसान के तेजी से बढ़ रहा था।

वोल्वार्ड्ट का ऐतिहासिक शतक

​वोल्वार्ड्ट ने लंबे-लंबे छक्कों और बेहतरीन चौकों से अपनी पारी में 115 रन बनाए,। यह उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरा शतक था। भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग भी मामूली रही उन्होंने उन्हें कुछ जीवनदान भी दिए, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने 193 रनों के विशाल स्कोर को 16.3 ओवर में ही पूरा कर दिया। दूसरी तरफ विवादों से घिरी सुने लुस ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 64 रनों* की नाबाद पारी खेली। 

भारतीय गेंदबाजी और फील्डिंग साधारण रही

​192 रन जैसे बड़ा स्कोर बनाने के बाद भी हारना भारतीय टीम के लिए चिंता और निराशा का विषय है। इन सब के कुछ कारणों के बारे में विस्तार से बात करते है।

  1. दिशाहीन गेंदबाजी: श्रेयंका पाटिल, दीप्ति शर्मा और पूजा वस्त्राकर जैसे अनुभवी गेंदबाज वोल्वार्ड्ट के सामने बेबस नजर आए और उन्होंने खूब रन लुटाए।
  2. खराब फील्डिंग: ऐसे मैचों में अच्छी फील्डिंग की जरूरत होती है इंडिया के फील्डर अच्छे मौकों पर अच्छी फील्डिंग नहीं कर पाए जिससे वोल्वार्ड्ट एक अच्छा स्कोर बनाने में कामयाब रही।
  3. रणनीति की कमी: पावरप्ले में जब वोल्वार्ड्ट प्रहार कर रही थीं, तब भारतीय गेंदबाजों को ये पता था की यह मैच निर्णायक होगा, कि भारतीय टीम इस सीरीज में बनी रहेगी या नहीं लेकिन बावजूद इसके दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को आउट करने का कोई दूसरा 'प्लान B' नजर नहीं आया।

भारतीय गेंदबाजी 

भारतीय गेंदबाजों में कोई ऐसा नहीं था जो लौरा वोल्वार्ड्ट और सुने लुस की पार्टनरशिप को तोड़ पाए, ऐसा लग रहा था कि गेंदबाज पावरप्ले में ही अपनी हार मान चुके हो।

भारतीय गेंदबाजी की बात करे तो सबसे महंगी काशवी गौतम साबित हुई जिन्होंने 2 ओवरों में 16 की औसत से 32 रन लुटाए, दूसरे गेंदबाजों ने भी साउथ अफ्रीका को निराश नहीं किया। रेणुका सिंह ने 4 ओवरों में 11.25 के औसत से 45 रन दिए, अरुंधति रेड्डी ने 3 ओवर में 31 रन, श्रेयांका पाटिल ने 3 ओवर में 30 रन, शैफाली वर्मा ने 1 ओवर में 9 रन दिए और दीप्ति शर्मा को भी बल्लेबाजों ने आड़े हाथों लिया उन्होंने भी 3.3 ओवरों में 13.14 की औसत से 46 रन लुटाए। इतनी बढ़िया गेंदबाजी पर फील्डरों ने मिस फ़ील्ड करके चार चांद लगा दिए और जो मैच भारत आसानी से जीत सकता था उसे एकतरफा ही हार गया।

निष्कर्ष: सम्मान बचाने की लड़ाई

​अब जबकि भारत सीरीज गंवा चुका है, अगले दो मैच टीम इंडिया के लिए अपने सम्मान बचाने का मौका हैं। कोच और कप्तान को अपनी गेंदबाजी पर बहुत काम करना होगा, क्योंकि अगर आप एक ODI वर्ल्डकप विजेता टीम हो और 190+ का स्कोर टी20 में आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन अगर गेंदबाजी का कोई लक्ष्य न हो तो ऐसे ही बल्लेबाजी होगी जिस तरह से वोल्वार्ड्ट ने की, उसने साबित कर दिया कि आधुनिक क्रिकेट में कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं है। एक बात तो तय है कि साउथ अफ्रीका 2025 वर्ल्ड कप का फाइनल आज तक नहीं भूले और वो चाहेगे की भारत को 5-0 से हरा कर उस दिन का हिसाब बराबर किया जाए।



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